Thursday, June 28, 2018

PREJUDICE Meaning in Hindi and English - प्रिजडिस का हिंदी मतलव

Prejudice Meaning in Hindi and English : फ्रेंड इस पोस्ट में हम जानेगे प्रिजडिस का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग). फिर चलते है Meaning of Prejudice in Hindi and English को पढ़ने के लिए. यहाँ सभी जानकारी को अच्छे से उदाहरण के साथ बताया गया है.


Prejudice Meaning in Hindi and English :


मीनिंग ऑफ़ प्रिजडिस इन हिंदी -
  
Noun                                                Verb
 - क्षति.                                             - बिगाड़ना.
 - घाटा.                                             - हानि करना.
 - तरफदारी.                                        - हानि पहुंचाना.
 - पक्षपात.                                         - पक्षपात करना.
 - पूर्वधारणा.                                       - अपकार करना.
 - विघात.
 - अविचार मति.
 - प्रतिकूल रूप से प्रभावित होना.

मीनिंग ऑफ़ प्रिजडिस इन इंग्लिश -

Noun
1. A partiality that prevents objective consideration of an issue or situation.

Verb
1. Influence (somebody's) opinion in advance.

2. Disadvantage by prejudice.

आशा करता हूँ ऊपर अभी आपने प्रिजडिस का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) जान ही लिया होगा. इसमें केबल शोर्ट में बताया है लेकिन आगे हमने सभी मतलवो को एग्जाम्पल के साथ अच्छे तरीके से समझाया है ताकि ये जानकारी पढ़कर कोई भी इन्हें अपने माइंड में बिठाकर याद कर सके. ज्यादा टाइम ख़राब ना करके बड़ते है.   


Prejudice Meaning in Hindi and English



What is the Meaning of Prejudice in Hindi and English :


इन मीनिंग का वर्णन -

- पक्षपात, यह शब्द बतलाता है कि आपका करीबी ही आपके खिलाफ काम कर रहे लोगो या पार्टी का साथ देने लगता है. इसे कुछ उदाहरण के जिरिये समझने को कोशिश करते है.
पहला, मान लो A, B, C तीन दोस्त है इनमे A और C की लड़ाई हो जाती है तब प्रिन्सिपल के सामने B, A का साथ ना देकर C का पक्ष लेता है. इसका मतलव A के लिए ये सब पक्षपात होगा.

दूसरा, पॉलिटिक्स की बात करे तो, मान लो चुनाव के समय दो पार्टी A और B है जो एक दुसरे के विपरीत है. अब पार्टी A का कोई नेता या व्यक्ति जाकर पार्टी B का प्रचार करने लगे तो इस स्थिति में A के लिए यह पक्षपात की श्रेणी में आएगा.
तीसरा, इसी तरह कोर्ट में जज के सामने ऐसी ही स्थिति इसका एग्जाम्पल बन सकती है.

- अविचार गति, इसका तात्पर्य शुन्य विचार जिनकी कोई स्पीड नही है ये किसी प्रकार के वर्क, पार्टी, लोगो के लिए कुछ भी सोच ना पाना. ये समय कभी भी और किसी के भी साथ घटित हो सकती है याने जो काफी बड़े बदलाबो बाले डिसिजन होते है अक्सर is समय प्रोफेशनल लोगो के विचार की गति जीरो रह जाती है.

- तरफदारी, हम इसे कुछ ऐसे समझ सकते है जब किसी स्पेशल व्यक्ति के सामने अपने करीबी या दोस्त की लगातार तारीफ करना जिससे उसके सम्मान में बड़ोत्तरी हो सके या फायदा मिल पाए. ये फंडे किसी भी परिस्थिति के लिए हो सकते है पर ध्यान ये रखना होगा कि इन्हें सही समय और लोगो के बीच ही अप्लाई करे.

- घाटा, इसे हम समझे कि यह किन्ही प्रकार का नुकसान, अब ये पैसे, वस्तु या कुछ का भी हो सकता है. मान लो कोर्ट में आपका केस चल रहा है और अंतत हार हाथ लगे तब तो नुकसान ही होगा, चूकी यह केस किसी भी टाइप का होने के चांस है मतलव लोस भी उतना ही होगा.

- प्रतिकूलता, मतलब कोई परिस्थिति जो आपके अनुकूल नही है जिससे परिणाम भी वैसे नही मिल पा रहे जो आप वास्तव में चाहते है, चूकी प्रतिकूलता जो कि प्रत्येक प्रकार की होती है और इसे मान सकते है कि यह हमेशा पूरी तरह विपरीत रिजल्ट ही देती है चाहे फिर कोई भी कितने ही महत्वपूर्ण या बड़े आदमी ही क्यों ना हो यह आपका काम हमेशा ठीक तरीके से करती है. इसके अंतर्गत चाहे कोर्ट का केस हो, परिवार की समस्या हो या स्कूल की परेशानी आदि के लिए यह वर्क करती है.

इनके प्रभाव -

- पक्षपात के लगातार प्रभाव से आदमी टेंसन, डिप्रेसन, काम में मन ना लगना आदि चीजे सामने आती है. जब ऐसी स्थिति से टकराव बार - बार इंसान का होता है तव अंदर से टूट जाता है और फिर गलत आदतों जैसे - मदिरा, धुम्रपान, नशे की लतो में फंसने लगता है जो कि उसके और परिवार को बहुत आघात पहुँचाने के साथ तकलीफ पैदा करने बाले हालात बना देती है.

समाज और देश पर काफी बुरा असर पड़ता ही है जव युवा पीढ़ी इस तरह के चक्करों में पड़कर अपने ओए देश के विकास में अवरोध उत्पन्न कर देते है. टाइम रहते हमे इस पर विचार कर लेना चाहिए.

- अविचार गति, इस तरह की स्थिति तब क्रियेट होती है जब व्यक्ति बुरी तरह फंस चूका होता है और ये सिचुएसन बड़े - बड़े लीडर, सीईओ, बड़े पद पर बैठे ऑफिसर या फिर कोर्ट का बड़ा केस सभी में डिसिजन के वक्त बहुत बार विचार शुन्य की स्थिति बन जाती है. इनका इफ़ेक्ट कुछ मामलो में देख सकते है.   

- तरफदारी, हद से ज्यादा या गलत काम के लिए इसे बड़ा - चढ़ाकर दिखलाने से भी बहुत बार नेगेटिव इफ़ेक्ट देखने को मिलते है. तरफदारी से सम्मोहित होकर गलत चीजो या लोगो को प्रमोट कर दिया जाता है जिसके दुष्परिणाम लोगो, समाज, देश को प्रभावित करते है. यदि यह सही तरीको से अच्छे कामो के लिए किये जाये तब तो बेहतर रिजल्ट हम देख पाते है.

- प्रतिकूलता, इसे हम अनुकूलता का विपरीत मानते है इसमें आपके साथ घटित घटनाये बहुत मायनों में प्रतिकूल इफ़ेक्ट करती है जिससे पर्सन इन्हें फेस क्र जाता है या इनसे हार मानकर जिंदगी व्यक्ति करता रहता है. 

पर्सन को एक बात ध्यान रखना चाहिए कि उसके द्वारा किये जाने बाले वर्क चाहे वे बड़े या छोटे हो, दोनों ही स्थिति में कही ना कही प्रतिकूलता होती ही है. बस इससे लड़कर आगे बड़ते रहता होता है. इसका इफ़ेक्ट दोनों प्रकार नेगेटिव और पोसिटिव देखा जा सकता है. 

इनके उपयोग -

- पक्षपात शब्द का उपयोग तब करते है जब करीब अपनी विपरीत पार्टी या लोगो के साथ मिलकर आपके विरोध में आ जाता है.

- अविचार गति, इसका तात्पर्य कुछ परिस्थिति में आदमी के विचार पूरी तरह शुन्य हो जाते है याने बह सही से डिसिजन नही पा रहा होता है तभी इस शब्द को यूज़ में लेते है.

- तरफदारी, इस मतलब का यूज़ तब किया जाता है जब व्यक्ति अपना कोई काम बनाने या किसी करीब की जमकर बड़ाई करता दिखाई पड़ता है.

- प्रतिकूलता, इस शब्द को हम विपरीत सिचियुसन के लिए उपयोग करते है. 

दोस्तों मुझे उम्मीद है आपको Prejudice Meaning in Hindi and English यह प्रिजडिस का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) जानकारी से बहुत कुछ जानने और सीखने को मिला ही होगा. साथ ही कुछ प्रश्नों जैसे What is the Meaning of Prejudice in Hindi and English, Meaning of "Prejudice" in Hindi के उत्तर भी शायद आपको मिल गये होंगे. अधिक वर्ड के मीनिंग के लिए ऊपर सर्च बॉक्स का इस्तेमाल करे.

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