Friday, July 6, 2018

ANXIETY Meaning in Hindi and English - एंग्जायटी का हिंदी मतलव

Anxiety Meaning in Hindi and English : दोस्तों मै बताने बाला हूँ एंग्जायटी का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) के बारे में. आपको Meaning of Anxiety in Hindi and English को विस्तार से जानने के लिए पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़ना चाहिए.

Anxiety Meaning in Hindi and English : 


मीनिंग ऑफ़ एंग्जायटी इन हिंदी -

Noun 
  •  उत्कंठा.
  •  उत्सुकता.
  •  चिंता.
  •  फिक्र.
  •  व्यग्रता.
  •  सोच.

Adjective 
  •  बेताबी.


मीनिंग ऑफ़ एंग्जायटी इन इंग्लिश -

Noun

1. A vague unpleasant emotion that is experienced in anticipation of some (usually ill-defined) misfortune.

2. A relatively permanent state of worry and nervousness occurring in a variety of mental disorders, usually accompanied by compulsive behavior or attacks of panic.

अब तक आपने जाना होगा एंग्जायटी का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) को संक्षेप रूप में. हमने आगे इसके सभी मतलवो का विस्तार विवरण भी शेयर किया है जिसे पढ़कर आप इनके बारे में अच्छे से समझकर एक स्टोरी की तरह अपने माइंड में बिठा सकते है ताकि शोर्ट और डिटेल्स मीनिंग को हमेशा याद रख पाये. आगे पेज को क्रोल करके जल्दी से रीड करना स्टार्ट करे.

Anxiety Meaning in Hindi and English

What is the Meaning of Anxiety in Hindi and English :


इन मतलवो का वर्णन विथ उदहारण -

- चिंता, इस शब्द को हम ऐसे जान सकते है जब कोई व्यक्ति किसी चीज को लेकर अपने दिमाग में डेली उस पर विचार करके कन्फुज, डर आदि में होता रहता है तब यह चिंता का कारण बन जाता है चिंता का विषय प्रत्येक के लिए अलग - अलग होता है. 

जैसे सफलता, स्कूल में टॉप करना, डर, किसी का साथ छूटना, अनहोनी घटना आदि ऐसे कारण इसे जन्म देते है. यदि इन पर समय रहते काम ना किया जाए तो व्यक्ति को हर प्रकार से नुकसान पंहुचा सकता है.

उदहारण मान लो कोई पर्सन अपनी लाइफ में सफलता प्राप्त करने हेतु लगातार कड़ी मेहनत कर रहा लेकिन बार - बार उसे असफलता का सामना करना पड़ रहा है इस स्थिति में उसे इसके ना होने की चिंता सताती रहती है.

- उत्कंठा, इसका तात्पर्य आपका किसी अबसाद के द्वारा अंदर से भर जाना जैसे कोई काम को करना चाह रहे लेकिन उसके ना होने से अपने भीतर ही भीतर टूट कर रोना या दर्द को महसूस करना. इसे हम तनाव के बड़े चरम सीमा के रूप में दुःख से रिलेट कर सकते है. जब तनाव बहुत अधिक दिनों तक रहे तो बह व्यवहार में दुःख या उत्कंठा को दर्शाता है.

- उत्सुकता, यह वर्ड किसी कार्य, वस्तु आदि के करने या होने की तीव्र इच्छा को व्यक्त करता है. प्रत्येक के लिए इनके मायने मतलव चीजे भिन्न - भिन्न हो सकती है लेकिन इच्छा की चरम सीमा समान हो सकती है. 

इस समय इसका स्तर इतना होता है कि आदमी इसके लिए कुछ भी करने और किसी भी लेवल तक जा सकता है. याने वह जिस भी चीज या जो भी उसे पाना है उसके लिए सब कुछ दाव भी लगाने तक को तैयार हो जाता है चाहे वह वस्तु कितनी भी अच्छी या बूरी हो.

उदहारण - जैसे किसी के लिए सक्सेस, पैसा, नाम या नशे आदि ये सब तरह से आदमी अपनी सीमाओ के परे जाकर उसे पाने के लिए उत्सुक रहता है.

- सोच, चूकी मानव के दिमाग में डेली हजारो विचार आते है लेकिन यह सोच तब बनती है जब किसी विचार को लेकर बार - बार रोज उस पर बना रहना सोच को जन्म देता है. इनका प्रत्येक मानव के लिए अलग मतलव के साथ भिन्न उद्देश्य हो सकते है. 

सभी के विचार और सोच अलग होते है क्योकि इनका आना अक्सर उनसे जुड़े लोग, कार्य, स्थान और एनवायरनमेंट पर काफी हद तक निर्भर करता है.

इनके इफ़ेक्ट -

- चिंता, यदि यह कुछ समय तक के लिए है तो इतना दिमाग इसे सहन कर लेगा क्योकि दिमाग की क्षमता इस लेवल के लिए तैयार रहती है. तनाव का उत्पन्न होना व्यक्ति के मानसिक स्तर याने उसकी समझदारी के साथ गहरी सोच कितनी है पर डिपेंड करता है, तभी तो कुछ लोगो के लिए एक काम बहुत मुश्किल और दूसरे के लिए वही कार्य आसन क्यों होता है. 

बह उसे आसानी से खत्म भी कर लेता है. मानव दिमाग सुपर कंप्यूटर है जिसके इतने ज्यादा फंक्शन है कि इसको उपयोग करने का कोई मेनू सिस्टम उपलब्ध नही है. माइंड को ठीक से समझकर यूज़ करे तो इन चिन्ताओ और परेशानियो से ऊपर उठा जा सकता है. 

हमारे आसपास बहुत से लोग ये कर भी रहे है. चिंता जब बहुत अधिक हो जाए तो यह दिमाग को पूरी तरह डेमेज करके कई बीमारिया को पैदा करके जान तक ले सकती है या पर्सन के कोमा में भी जाने के चांस होते है.

एक तनाव से ग्रसित इंसान खुद को लाचार, कमजोर समझने लगता है जिससे समाज, फैमिली और कंट्री के लिए ज्यादा अच्छा करने में समर्थ ना होकर अपनी भूमिका को बड़े स्तर पर यूज़ नही कर पाता और विकास में बाधक होता है.

- उत्कंठा, इसमे व्यक्ति चिंता के बड़े स्तर लेवल पर होता है मतलव बह दुःख में डूबा हुआ होता है. अब इसके इफ़ेक्ट को देखे तो सोसाइटी, परिवार में सब उससे दूर होने लगते है. बह खुद को किसी चीज से जोड़कर सब को दूर कर देता है और ना मिलने पर दुखी होकर अपने अलावा समाज के ग्रोथ में रूकावट लाता है. इस तरह के आदमी बूरे कार्यो के लिए जिम्मेदार भी बनते है.

- उत्सुकता, अपने अंदर कुछ पाने की तीव्र लालसा उत्सुकता को जन्म देता है. इसकी दिशा सही याने विकास के काम के हेतु है तो बहुत बढ़िया परिणाम मिलेंगे नही तो गलत कार्य का भुगतान भी करना पड़ता है याने इसकी डायरेक्शन पर ध्यान देने की जरुरत होगी यदि सोसाइटी, परिवार और देश को विकास की राह पर आगे तक लेकर जाता है.

- सोच, विचार को अगले लेवल तक ले जाने पर वह सोच में बदल जाता है याने कोर्ट मुद्दे को उठाकर लगातार उस पर विचार करते रहना. मुद्दा कुछ भी हो सकता है. मतलव यह पॉजिटिव व नेगेटिव रिजल्ट के लिए रिस्पोंसिबल होगा जो देश के भविष्य को बनाएगा.

इन शब्दों का उपयोग -

- चिंता, शब्द का यूज़ तब होता है जब एक तरह के विचार लम्बे समय तक दिमाग में रहकर तनाव पैदा करते है.

- उत्कंठा, यह चिंता की चरम सीमा मतलव दुःख को व्यक्त करने हेतु इस शब्द का यूज़ किया करते है.

- उत्सुकता, अंदर से किसी कर्म को करने या चीज को पाने की लालसा के चलते उपयोग में लाया जाता है.

- सोच, विचार का लगातार दिमाग में बना रहना सोच को दर्शाता है.

उम्मीद है कि यह इनफार्मेशन "Anxiety Meaning in Hindi" and English से सम्बंधित पोस्ट एंग्जायटी का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) को जानकर काफी कुछ डिटेल्स में समझा होगा. जिससे काफी मदद भी मिली होगी. इसके अलावा अधिक पूछे जाने वाले सवाल What is the Meaning of Anxiety in Hindi and English, "Anxiety" in Hindi Meaning को भी इसी पोस्ट के जरिये बताने की कोशिश की गयी है.

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