Thursday, July 12, 2018

PERCEPTION Meaning in Hindi and English - परसेप्शन का हिंदी मतलव(मीनिंग)

Perception Meaning in Hindi and English : मैं आज शेयर करने बाला हूँ शब्द परसेप्शन का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) के बारे में. तो चलिए Meaning of Perception in Hindi and English को विस्तार से समझते है, पूरी जानकारी के लिए आर्टिकल को आखिर तक पढ़ना ना भूले.

Perception Meaning in Hindi and English :


मीनिंग ऑफ़ परसेप्शन इन हिंदी -
Noun 
  •  अनुभव.
  •  अनुभूति.
  •  ग्रहणबोध.
  •  बूझ.
  •  बोध.
  •  भोग.
  •  संग्रह.
  •  संवेदन.
  •  समझना.

मीनिंग ऑफ़ परसेप्शन इन इंग्लिश -

Noun
1. Becoming aware of something via the senses.
2. The process of perceiving.
3. Knowledge gained by perceiving.

मुझे विश्वास है अवतक तो आपने परसेप्शन का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) को केवल संक्षेप में एक - एक शब्द में जाना होगा, लेकिन इसे और भी सरल और खास बनाने के लिए हमने इनके विस्तार विवरण को बतलाया है ताकि आप इन्हें अच्छे से रिलेट करके याद रख पाये. 

इसलिए यहाँ इन शब्दों के यूज़ और इफ़ेक्ट को अलग तरीको से समझाया है. बस आपको यह अच्छे से समझ आ जाए. चलिए अब आगे बढ़कर पोस्ट को जरुर से पूरा पढ़े.

Perception Meaning in Hindi and English


What is the Meaning of Perception in Hindi and English :


इनका विस्तार विवरण -

- अनुभव, इस वर्ड को हम काम से रिलेट करके जानेगे, जब कोई पर्सन किसी कार्य को शुरू करता है तब स्टार्टिंग में यूज़ यह नही पता होता है कि बह सफल होगा या नही पर सही strategy को जितना अधिक फॉलो करेंगे उतना ही सफलता का रेश्यो बड़ जाता है इस स्थिति में उसके हाथ सक्सेस या अनसक्सेस लगने पर दोनों ही प्रकार की परिस्थिति उसे सबक याने अनुभब देती है.

सफलता अनुभव कि उसे क्या और किन चीजो को करने से सक्सेस मिली और आगे किन्हें फॉलो करते रहना होगा आदि इसी प्रकार असफलता से इसके विपरीत लेकिन अनुभव तो मिलता है. इसमें उसे यह पता चलता है कि अगली बार किन बातो को फिर से दोहराया नही है यह हमेशा काम के होने के बाद ही समझ आता है.

- अनुभूति, इसे हम ऐसे समझ सकते है जैसे जब कोई चीज अभी वर्तमान हो रही या की जा रही है उससे कैसा रिजल्ट मिल रहा है. इससे फिलिंग भी जुड़ी हो सकती है. इसकी समझ इसे करते हुए ही मिलती रहती है हालाकि यह पॉजिटिव व नेगेटिव दोनों ही प्रकार की होती है. इसी के परिणाम के चलते इसे उसी समय आसानी से बताया जा सकता है.

- बोध, यह वर्ड समझदारी और ज्ञान की तरफ इशारा करता है याने किसी चीज या काम को पहले से ही जानना या उसकी पूरी जानकारी का होना. अच्छी समझदारी के चलते व्यक्ति बड़े - बड़े पदों पर पहुच जाते है चाहे फिर फील्ड कोई भी हो जैसे - पॉलिटिक्स, सरकारी ऑफिसर या बड़ी कंपनी की हाई लेवल की पोस्ट या कुछ भी जो आम इंसान को आसानी से प्राप्त करने में कठिनाई प्रतीत हो.

- संग्रह, इसका तात्पर्य इक्कठा करना. यहाँ कोई स्पेसिफिक चीज ना होकर कुछ भी जिसे एकत्रित किया जा सके. चाहे फिर पैसे, पसंद की वस्तुये, दुआए या कोई भी चीजे जिनको पास में रखा जा सकता है. संग्रह के मायने प्रत्येक के लिए अलग - अलग हो सकते है. ये अच्छे और बूरे प्रभावों को प्रकट करते है हम आगे इस पर बात करेंगे.

इन शब्दों का इफ़ेक्ट -

- अनुभव, हालाकि इसे लेवल काम के पूरा होने बाद बहुत से मामलो के जाना जाता है. हमने ऊपर कहाँ कि ये दोनों ही स्थिति सफल या असफल होने में कुछ ना कुछ अपना असर छोड़कर हमे बहुत कुछ सीखा देता है. 

अच्छा अनुभब तो ठीक जो हमे और आगे बड़ने का प्रोत्साहन देता है, जो खुद के साथ फैमिली, सोसाइटी के लिए भी गर्व की बात होती है. एक सफलता के दूसरी के लिए व्यक्ति का खुद पर विश्वास बहुत ज्यादा बड़ जाता है. इस कारण अगली बार सफल होने के चांस बड़ते जाते है. 

इस प्रकार सफल और सफल होते जाते जा रहे है तथा इसके विपरीत असफल इंसान यदि चाहे तो अपनी गलतियों से सीखकर फिर दोवारा खड़े होकर आगे बड़ सकता है, पर इसके लिए दोवारा हिम्मत जुटाना और कठिन कार्य लगता है क्योकि वह एक फ़ैल होने के चलते उसका आत्मविश्वास डगमगा जाने के साथ खुद पर से विश्वास उठने लगता है. 

वह दोवारा शुरू कर सकता है लेकिन वह फिर से हिम्मत ना कर पाये तो वह अंदर से टूटकर तनाव का शिकार हो सकता है जो एक ऐसे पर्सन के रूप में सामने आयेगा जो समाज, परिवार तथा देश की प्रगति के विपरीत दिखाई पड़ेगा मतलव नेगेटिव प्रभाव के अंतर्गत गिना जायेगा.

- अनुभूति, चूकी इसे वर्तमान समय याने उसी वक्त महसूस कर सकते है जिस वक्त यह घटित हो रहा होता है, जैसे कोई बात जो उसके दिलो दिमाग पर असर कर रही है लेकिन ये अभी ही कुछ समय पहले घटित हुयी तो इसका असर ज्यादा उसी वर्तमान टाइम में रहेगा फिर बाद में धीरे - धीरे खतम हो जाता है. 

इसमें कोई शक नही की यह दोनों प्रकार नकारात्मक और सकारात्मक की होती है जो अपना असर जरुर ही दिखाएगी बुरी अनुभूति गर्त में याने और अधिक नीचे गिराएगी तथा इसके विपरीत अच्छी अनुभूति आगे जानने के लिए उत्साह पैदा करेगी.

- बोध, इसका सीधा संबंध ज्ञान, जानकारी और समझदारी से है. इसको अच्छे से विवरण के जरिये जाने तो किसी काम या चीज को अपनाने से पहले उसके बैकग्राउंड को समझ पाना. इस प्रकार के बोध बाले व्यक्ति काफी गहरी सोच और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते है. 

इनके द्वारा सोसाइटी, देश का भला होने के साथ लोगो को सही दिशा में लाने का जज्बा भी नजर आता है साथ ही ये इसके लिए प्रयत्नशील रहते है. अब इसके विपरीत पक्ष याने जिसे थोड़ी भी समझ नही हो बह हमेशा चीजो को गलत तरीको से लेकर अपनी धारणा के जरिये बतायेगा जो कि ठीक रिजल्ट नही प्राप्त करेगा.

- संग्रह, चीजो को एकत्रित करने से रिलेट कर पाते है चाहे फिर वे वस्तु, कार्य, यादे आदि लेकिन इनका प्रभाव इस बात पर डिपेंड करेगा की इन संग्रह की गयी चीजे किस प्रवृति की है क्योकि इनका इफ़ेक्ट ऐसे ही पड़ने वाला है जैसे कि वे जिस तरह कि एकत्रित की गयी.

इनके उपयोग -

- अनुभव, इसे हम काम के होने के बाद मिलने बाले बूरे और अच्छे एक्सपीरियंस को समझने हेतु उपयोग में लेते है.

- अनुभूति, यह वर्तमान में महसूस होने बाली फिलिंग चाहे बुरी या अच्छी जो भी को व्यक्त करने हेतु इस शब्द को यूज़ में लेते है.

- बोध, ज्ञान और समझदारी से सम्बंधित सभी बातो को दर्शाने के लिए यह वर्क यूज़ किया जाता है.

- संग्रह, चीजो, सोच और यादो आदि को एकत्रित करने हेतु उपयोग में लाया जाता है.

मुझे उम्मीद है आपको यह पोस्ट "Perception Meaning in Hindi" and English से सम्बंधित परसेप्शन का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) जानकारी को पढ़कर बहुत कुछ इस शब्द के बारे में जानने को मिला होगा. यह आर्टिकल कैसा लगा अपनी राय हमे कमेंट में बताये, हमारी कोशिश के चलते प्रश्न What is the Meaning of Perception in Hindi and English और Meaning of "Perception" in Hindi को भी समझाया है.

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