Sunday, July 1, 2018

REGRET Meaning in Hindi and English - रिग्रेट का हिंदी मतलव(मीनिंग)

Regret Meaning in Hindi and English : आज हम शेयर करने बाले है रिग्रेट / रिग्रिट का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) के बारे में. फिर चलिए जानते है Meaning of Regret in Hindi and English की शोर्ट और डिटेल्स जानकारी.

Regret Meaning in Hindi and English :


मीनिंग ऑफ़ रिग्रेट / रिग्रिट इन हिंदी - 
Noun                                          Verb
 - अफसोस.                                   - पछताना.
 - खेद.                                        - खेद करना.
 - दुख.                                        - शोक करना.
 - पछतावा.                                   - अफसोस करना.
 - पश्चात्ताप.                                 - खेद प्रकट करना.
 - शोक.                                       - दुःखी होना.
 - खेद होना.                                  - पछतावा करना.


मीनिंग ऑफ़ रिग्रेट / रिग्रिट इन इंग्लिश -

Noun
1. Sadness associated with some wrong done or some disappointment.
Examples
- He wrote a note expressing his regret.
- To his rue, the error cost him the game.

Verb
1. Express with regret.
2. Decline formally or politely.
3. Feel remorse for; feel sorry for; be contrite about.

फ्रेंड आपने ऊपर अब तक रिग्रेट / रिग्रिट का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) संक्षेप में पढ़ ही लिया होगा लेकिन अभी तक इसका सबसे महत्वपूर्ण पार्ट हमने नीचे शेयर किया है. अब आपसे हमारा यही सवाल है कि क्या आप इन्हें अच्छे से विस्तार में जानकर अपने खुद के नालेज को इस शब्द से रिलेटेड बड़ाना चाहते है ? मुझे विश्वास है आप इसे जरुर जानना चाहेंगे, तो फिर देर किस बात की चलिए शुरू करे -

Regret Meaning in Hindi and English

What is the Meaning of Regret in Hindi and English :


इनकी डिटेल्स जानकारी -

- अफ़सोस, इसका दूसरा अर्थ पछताबा भी होता है. जब आपसे कोई गलती अनजाने में या जान बुझकर खुद के प्रति या दूसरो के लिए हो जाती है तब उससे ज्यादा फर्क नही पड़ रहा होता है लेकिन बाद में मन ही मन बहुत अफ़सोस महसूस कर रहे होते है. गलती किसी के लिए भी और किसी से भी हो सकती है तथा यह छोटी या बड़ी होती है पर गलत तो वही रहता है उससे कुछ बदल नही जाता है. 

उदाहरण - मान लो दो दोस्त है उनके बीच गहरी मित्रता है. कुछ बातो को लेकर उनके बीच अनवन होकर बड़ी लड़ाई हो जाती है. बाद में जब वे अकेले बैठकर इस पर ठीक से सोचते है तो पता चलता है कि बात छोटी थी जिसके कारण लड़ाई करना जरुरी नही था. इस समय दोनों को अफ़सोस ही होता है.

- शोक, इस शब्द को अधिकतर किसी रिलेटिव या कोई प्रसिद्ध व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर यूज़ में लाया जाता है यह अधिक और कम होता है जैसे बहुत करीबी की डेथ हो जाए तब अधिक और किसी दूर के रिश्तेदार या कोई भी दूसरा उसकी डेथ से कम होता है. सही मायनों में इसका कम या ज्यादा होना व्यक्ति की भावनाओ से उसका संबंध होना निर्भर करता है.

- दुःख, इसका तात्पर्य किसी प्रकार का दर्द जो भौतिक या मानसिक रूप से व्यक्ति पर भाबी हो जाये तो यह दुःख में परिवर्तित होकर महसूस होने लगता है दुःख होने के दोनों कारणों को थोड़ा विस्तार से समझते है.

पहला, जब इंसान को शारीरिक तौर पर कोई चोट, एक्सीडेंट या कुछ और हो जाने पर उसे बाहरी तौर पर दर्द होता है. यह भी किसी के लिए कम या ज्यादा हो सकता है. 

दूसरा, यह मानसिक स्तर पर प्रकट होता है मान लो कोई करीबी छोड़ जाए, जो आप करना चाहते है वो हो नही पा रहा या वस्तु जो मानसिक लेवल पर जुड़ा उसके छीन जाने से बहुत आघात पहुचता है. इनके मायने सभी के लिए अलग तरह से वर्क करते है क्योकि चीजे और भावनाए सभी के लिए अलग - अलग होती है.

- खेद, यह शब्द का मतलव किसी गलती की माफ़ी मांगने को बतलाता है. आपके द्वारा कुछ गलती अनजाने या जाने में हो जाए तो बहुत से मामलो में खेद प्रकट करने के लिए माफ़ी मांगते है. 

खासकर इसे अनजाने में अचानक घटित घटनाओ में यूज़ होते देखा गया है, जैसे आप कही जल्दी में जा रहे और अचानक किसी से टकरा जाए जबकि आपने उन्हें नही देखा हो तब इस स्थिति में खेद प्रकट करते हुए सॉरी बोल देते है, मतलव कोई खास बड़ी गलती को नही दर्शाता है.

इनके इफ़ेक्ट -

- अफ़सोस, आपके द्वारा कोई गलत काम अनजाने या जाने में कर दिया जाता है लेकिन बाद में इसका जिम्मेदार खुद को कही ना कही मान रहे होते है. तब इस स्थिति में अफ़सोस या पछतावा हो रहा होता है कि काश ऐसा नही किया होता है तो आज कुछ ओर ही परिणाम होते है. 

यह कोई नई बात नही बल्कि अक्सर सभी के साथ ये सब होता है क्योकि हम जब कोई वर्क कर रहे होते है तब उसी वक्त कई बार उसका रिजल्ट नही देख पाते या जानबूझकर वह काम कर डालते है बिना परिणाम की चिंता किये चाहे रिजल्ट बुरा ही क्यों ना हो.

समाज, परिवार में काफी लोग इस तरह की गलतिया करते ही है बाद में उन्हें पछतावा भी होता ही है. क्या अफ़सोस मना लेने से गलती ठीक हो जाएगी. जो बिगड़ा वो वापस बन जायेगा. हालाकि बहुत से मामलो में सब अच्छा भी हो जाता है लेकिन सभी कंडीशन में नही. 

अब बात आती है इसके प्रभाव की तो इसका इफ़ेक्ट कम या ज्यादा होना इन गलतियों पर डिपेंड करेगा. बहुत सी बार ऐसा कुछ देखने को मिलता है. जिसका प्रभाव समाज, फैमिली और देश को हिलाकर रख देता है और परिणाम काफी घातक सिद्ध होते है.

- शोक, इसका प्रभाव तो हमेशा से हिला कर रख देने वाला होता है. उनके लिए जो इसके बहुत करीब होते है इसके इफ़ेक्ट को यदि किसी ऐसे परिवार से जोड़े जहाँ कोई मुखिया है जिसकी वजह से ही पूरा घर चल पा रहा है. अब उस मुखिया की डेथ हो जाए तो आप समझ सकते है कि उसके घर बालो की क्या हालत होगी उनके ऊपर तो जैसे आसमान टूट पड़ने बाली स्थिति बन जायेगी.

अब इसे सोसाइटी और देश के स्तर पर देखे तो मान लो किसी अच्छे बड़े नेता या महान पुरुष जिन्होंने कुछ अच्छा किया हो. इनकी डेथ हो जाने पर उनके करीबी के अलाबा समाज और देश में शोक की लहर फ़ैल जायेगी. 

- दुःख, चूकी इसे मानसिक और शारीरिक रूप से देखा या महसूस किया जाता है. शारीरिक तरीके से दुखी या पीड़ित व्यक्ति को इलाज के साथ सहारे की जरूरत होती है हालाकि हल तो दवाई द्वारा संभव है और यह कुछ समय बाद ठीक भी हो जाता है. 

लेकिन मानसिक रूप से पीड़ित या तकलीफ में इंसान अंदर ही अंदर घुटन फिल करता है. तब इस स्थिति में वह नशीली चीजो जैसे शराब, सिगरेट, ड्रग्स आदि का शिकार होने लगता है और ये लते उसे और उसके परिवार को हर तरह से खत्म कर देती है. अब इस तरह से पीड़ित लोग अपने लिए ही घातक परिणाम लाते है. देश के लिए कुछ करना तो दूर की कौड़ी होगी.

- खेद, कहाँ जाता है इंसान गलतियों का पुतला है पर इसका मतलव ये नही एक के बाद एक गलती करते ही जाए, चूकी ये अधिकांश मामलो में छोटी अनजाने में अचानक हुयी गलती होती है. इनका कोई खास इफ़ेक्ट तो नही पड़ता लेकिन इनसे बचने की कोशिश जरुर ही करना चाहिए.

इनका उपयोग -

- अफ़सोस, इस शब्द का उपयोग अधिकतर जाने या अनजाने में होने वाली गलती के बाद पछतावे को प्रकट करने के लिए करते है.
- शोक, यह किसी करीबी या सम्मानीय इंसान की डेथ को व्यक्त करने के लिए यूज़ में लाया जाता है.
- दुःख, यह मतलव मानसिक या शारीरिक स्तर पर पीड़ा महसूस होने को व्यक्त करने के लिए उपयोग में लाते है.
- खेद, अपनी अचानक छोटी गलती को आसानी से स्वीकार करने को प्रतीत कराने में यूज़ लाया जाता है.

मुझे उम्मीद है आपको Regret Meaning in Hindi and English यह जानकारी रिग्रेट / रिग्रिट का हिंदी और इंग्लिश मतलव(मीनिंग) के माध्यम से मिल चूकी होगी. हमने यहाँ काफी कुछ विस्तार से पॉइंट टू पॉइंट बाते शेयर की है. अपने सुझाव कमेंट करे. इसके अलावा कुछ प्रश्न What is the Meaning of Regret in Hindi and English, "Regret" in Hindi Meaning के उत्तर भी देने की कोशिश की है.

No comments:

Post a Comment